Panic attack अचानक नहीं आता। एक chain होती है। जब यह chain दिखने लगे — तो डर थोड़ा कम हो जाता है।
शरीर में कोई अजीब sensation होती है — तेज़ धड़कन, चक्कर, chest में कुछ। और मन तुरंत सोचता है: "कुछ गलत हो रहा है।" यही वह पल है जहाँ से सब शुरू होता है।
उस moment में आप अकेले होते हैं — और कुछ समझ नहीं आता कि क्या होने जा रहा है।
यह सुनने में अजीब लगता है — जब इतना भयानक लग रहा हो तो "false alarm" कैसे?
लेकिन यही सच है। शरीर का alarm system एक ऐसे खतरे पर fire हो रहा है जो असल में वहाँ नहीं है। वह sensation real है — लेकिन खतरा real नहीं।
यह जाएगा। हर panic attack जाता है — चाहे कितना भी भारी लगे।
आप मरने वाले नहीं हैं। आप पागल नहीं हो रहे। यह शरीर का alarm है — और alarm बंद होता है।
Panic attack के वक्त fight मत करें। देखें। जानें कि यह temporary है। जितना आप resist करेंगे — उतना बढ़ेगा। जितना observe करेंगे — उतना जल्दी जाएगा।
अगला भाग — क्यों सब आज़माने के बाद भी कुछ काम नहीं किया। यह समझना ज़रूरी है।